राजस्थान सरकार ने बेटियों के जन्म को खुशी का मौका बनाने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री राजश्री योजना शुरू की है। यह योजना 1 जून 2016 को शुरू की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति अच्छी सोच पैदा करना, उनकी सेहत बेहतर करना, पढ़ाई को बढ़ावा देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के जरिए बेटी के जन्म से लेकर 12वीं कक्षा तक कुल 50,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। यह रकम अलग-अलग चरणों में मिलती है, ताकि परिवार को बेटी की परवरिश और पढ़ाई में आसानी हो।
Mukhyamantri Rajshree Yojana कन्या भ्रूण हत्या रोकने, लड़कियों की शिक्षा बढ़ाने और परिवार में बेटी को बराबर का दर्जा देने में बहुत मददगार साबित हुई है। राजस्थान में लाखों परिवारों ने इसका फायदा उठाया है और बेटियों की स्थिति में सुधार आया है।
मुख्यमंत्री राजश्री योजना क्या है?
Mukhyamantri Rajshree Yojana राजस्थान सरकार की एक बहुत अच्छी योजना है जो 1 जून 2016 से शुरू हुई। इसका मुख्य उद्देश्य बेटियों के जन्म को बढ़ावा देना, उनके स्वास्थ्य और शिक्षा को बेहतर बनाना तथा समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच पैदा करना है। इस योजना के तहत राजस्थान में 1 जून 2016 या उसके बाद जन्मी पहली दो बेटियों को जन्म से लेकर 12वीं कक्षा तक कुल 50,000 रुपये की आर्थिक मदद मिलती है।
यह राशि 6 अलग-अलग किस्तों में दी जाती है – जन्म पर 2,500 रुपये, 1 साल पूरे होने और टीकाकरण पर 2,500 रुपये, कक्षा 1 में दाखिले पर 4,000 रुपये, कक्षा 6 में 5,000 रुपये, कक्षा 10 में 11,000 रुपये और कक्षा 12 में दाखिले या पास करने पर 25,000 रुपये। लाभ लेने के लिए बेटी राजस्थान की मूल निवासी होनी चाहिए और जन्म सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल में होना जरूरी है। यह योजना बेटियों को स्वस्थ, पढ़ी-लिखी और आत्मनिर्भर बनाने में बहुत मदद करती है।
सीएम राजश्री योजना शुरू करने का उद्देश्य क्या है?
- राज्य में बेटियों के जन्म के प्रति सकारात्मक सोच और वातावरण बनाना, ताकि परिवार बेटी को खुशी से स्वीकार करें।
- समाज में बेटियों के प्रति नकारात्मक विचार और लिंगभेद को खत्म करना तथा उन्हें बराबरी का दर्जा दिलाना।
- कन्या भ्रूण हत्या और लिंग अनुपात में गिरावट को रोकना।
- अस्पताल में सुरक्षित प्रसव (संस्थागत डिलीवरी) को बढ़ावा देकर मां और बच्ची की मृत्यु दर कम करना।
- बेटियों का पूरा टीकाकरण सुनिश्चित करके उनकी सेहत मजबूत बनाना और शिशु मृत्यु दर घटाना।
- बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहन देना, स्कूल में नामांकन बढ़ाना और पढ़ाई बीच में छूटने से रोकना।
- बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर रोक लगाना और बेटियों को उच्च शिक्षा तक पहुंचाना।
- बेटियों को स्वस्थ, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाकर उनका सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य स्तर सुधारना।
राजस्थान राजश्री योजना की विशेषता क्या है?
Mukhyamantri Rajshree Yojana की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं। यह योजना 1 जून 2016 से चालू है और बेटियों के लिए बहुत उपयोगी साबित हुई है
- कुल 50,000 रुपये की आर्थिक मदद – बेटी के जन्म से लेकर 12वीं कक्षा तक कुल 50,000 रुपये दिए जाते हैं, जो 6 अलग-अलग किस्तों में मिलती हैं।
- 6 किस्तों में बांटी जाती है राशि – जन्म पर 2,500 रुपये (संस्थागत प्रसव पर), 1 साल पूरे होने और टीकाकरण पूरा होने पर 2,500 रुपये, कक्षा 1 में दाखिले पर 4,000 रुपये, कक्षा 6 में 5,000 रुपये, कक्षा 10 में 11,000 रुपये और कक्षा 12 में दाखिले या पास करने पर 25,000 रुपये।
- पहली दो बेटियों को ही लाभ – परिवार की पहली दो लड़कियों (1 जून 2016 या बाद में जन्मी) को ही यह सहायता मिलती है, तीसरी या उसके बाद वाली को नहीं।
- स्वास्थ्य और शिक्षा पर फोकस – योजना अस्पताल में सुरक्षित प्रसव, पूरा टीकाकरण और स्कूल में नियमित पढ़ाई को जोड़ती है, जिससे बेटियों की सेहत और शिक्षा दोनों मजबूत होती हैं।
- डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (DBT) – सारी राशि बेटी की मां या अभिभावक के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर होती है, कोई बीच का झंझट नहीं।
- संस्थागत प्रसव जरूरी – पहली किस्त के लिए जन्म सरकारी अस्पताल या मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में होना चाहिए, जिससे मां-बच्ची की सुरक्षा बढ़ती है।
- ऑनलाइन ट्रैकिंग और सत्यापन – स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड से किस्तें ऑटोमैटिक चेक होती हैं, टीकाकरण और स्कूल एडमिशन का प्रमाण ऑनलाइन होता है।
- समाज में सकारात्मक बदलाव – यह योजना कन्या भ्रूण हत्या रोकने, लिंग अनुपात सुधारने, बाल विवाह कम करने और बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करती है।
नोट– ये विशेषताएं योजना को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाती हैं। 2026 तक यह योजना राजस्थान की लाखों बेटियों के लिए मजबूत सहारा बनी हुई है।
राजस्थान मुख्यमंत्री राजश्री योजना के लाभ क्या है?
- लाखों बेटियों को आर्थिक सहायता – योजना शुरू होने से अब तक लाखों बेटियों (पहली दो बेटियां) को जन्म से 12वीं तक कुल 50,000 रुपये की 6 किस्तों में मदद मिली है। पुराने आंकड़ों में 7-8 लाख से ज्यादा बेटियां लाभान्वित हुईं, और राशि सैकड़ों करोड़ रुपये में ट्रांसफर हुई।
- संस्थागत प्रसव में बढ़ोतरी – जन्म पर 2,500 रुपये की पहली किस्त से अस्पताल में डिलीवरी बढ़ी, जिससे मां-बच्ची की सुरक्षा बेहतर हुई और घरेलू प्रसव कम हुए।
- टीकाकरण दर में सुधार – 1 साल पूरे होने पर दूसरी किस्त (2,500 रुपये) से बेटियों का पूरा टीकाकरण सुनिश्चित हुआ, शिशु मृत्यु दर घटी।
- शिक्षा में प्रगति – स्कूल दाखिले वाली किस्तों (कक्षा 1 में 4,000, कक्षा 6 में 5,000, कक्षा 10 में 11,000 और कक्षा 12 में 25,000 रुपये) से लड़कियों का नामांकन और निरंतरता बढ़ी, ड्रॉपआउट कम हुआ।
- समाज में सकारात्मक बदलाव – कन्या भ्रूण हत्या और लिंग अनुपात में सुधार आया, परिवार बेटी को बोझ नहीं मानते, बल्कि पढ़ाई के लिए उत्साहित हुए।
- आत्मनिर्भरता की दिशा – बेटियां शिक्षित और स्वस्थ होकर मजबूत बनीं, बाल विवाह जैसी कुरीतियां घटीं।
- योजना का विस्तार – 2024 से इसे लाडो प्रोत्साहन योजना में मिलाया गया, जहां अब कुल 1.5 लाख रुपये तक मदद मिल सकती है, लेकिन मूल राजश्री 2016 के बाद जन्मी बेटियों के लिए अभी भी लागू है।
मुख्यमंत्री राजश्री योजना के आवेदन के लिए लगने वाला जरूरी दस्तावेज लिस्ट है?
- बेटी का जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
- मां या अभिभावक का आधार कार्ड
- राजस्थान का निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate) अगर जरूरत हो
- बैंक खाता पासबुक या कैंसल चेक (DBT के लिए)
- अस्पताल का प्रसव प्रमाण पत्र (पहली किस्त के लिए)
- टीकाकरण कार्ड (दूसरी किस्त के लिए)
- स्कूल का एडमिशन प्रमाण पत्र या बोनाफाइड सर्टिफिकेट (स्कूल वाली किस्तों के लिए)
Mukhyamantri Rajshree Yojana के तहत कितनी राशि और कब मिलती है?
मुख्यमंत्री राजश्री योजना में कुल 50,000 रुपये 6 अलग-अलग किस्तों में दिए जाते हैं। हर किस्त का समय और रकम इस प्रकार है-
बेटी के जन्म के समय – 2,500 रुपये
- यह राशि तब मिलती है जब बेटी का जन्म सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में होता है। अस्पताल से छुट्टी मिलने पर मां के खाते में सीधे पैसे आ जाते हैं। इससे संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहन मिलता है।
बेटी के 1 साल पूरे होने और टीकाकरण पूरा होने पर – 2,500 रुपये
- जब बच्ची 1 वर्ष की हो जाती है और उसका पूरा टीकाकरण (जैसे पोलियो, डीपीटी आदि) हो जाता है, तो यह किस्त मिलती है। स्वास्थ्य विभाग ऑनलाइन रिकॉर्ड चेक करता है।
कक्षा 1 में दाखिला लेने पर – 4,000 रुपये
- जब बेटी पहली कक्षा में स्कूल में एडमिशन लेती है, तो यह रकम दी जाती है। इससे पढ़ाई की शुरुआत में मदद मिलती है।
कक्षा 6 में दाखिला लेने पर – 5,000 रुपये
- प्राइमरी से ऊपरी प्राइमरी में जाने पर यह सहायता दी जाती है।
कक्षा 10 में दाखिला लेने पर – 11,000 रुपये
- माध्यमिक शिक्षा में प्रवेश के समय बड़ी राशि मिलती है, क्योंकि इस उम्र में पढ़ाई पर ज्यादा खर्च आता है।
कक्षा 12 में दाखिला लेने या 12वीं पास करने पर – 25,000 रुपये
- यह सबसे बड़ी किस्त है। 12वीं कक्षा में एडमिशन या पास करने पर मिलती है। इससे हायर एजुकेशन के लिए भी सहायता मिलती है।
नोट– ये सभी राशियां बेटी की मां या अभिभावक के बैंक खाते में डायरेक्ट ट्रांसफर के जरिए आती हैं।
Rajshree Yojana Portal पर मिलने वाली सेवाओ का नाम
Mukhyamantri Rajshree Yojana से जुड़े मुख्य पोर्टल पर उपलब्ध सेवाओं के नाम निम्नलिखित हैं। यह योजना मुख्य रूप से OJSPM पोर्टल (ojspm.rajasthan.gov.in), जनकल्याण पोर्टल (jankalyan.rajasthan.gov.in), शाला दर्पण पोर्टल और महिला एवं बाल विकास विभाग की वेबसाइट पर चलती है। ये पोर्टल सरकारी हैं और योजना से जुड़ी सेवाएं प्रदान करते हैं:
- ऑनलाइन आवेदन और रजिस्ट्रेशन – बेटी के लिए योजना में नामांकन या आवेदन भरने की सुविधा, खासकर तीसरी किस्त से आगे के लिए शाला दर्पण पोर्टल पर।
- किस्तों का स्टेटस चेक – लाभार्थी अपनी किस्त (जन्म, टीकाकरण, स्कूल दाखिला आदि) की स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं।
- डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (DBT) ट्रैकिंग – राशि (कुल 50,000 रुपये की 6 किस्तें) के ट्रांसफर की जानकारी और पेमेंट स्टेटस।
- दस्तावेज अपलोड और सत्यापन – जन्म प्रमाण पत्र, आधार, टीकाकरण कार्ड, स्कूल एडमिशन प्रमाण पत्र आदि अपलोड करने की सेवा।
- योजना की जानकारी और दिशानिर्देश – योजना की पूरी डिटेल्स, पात्रता, किस्तों का विवरण और PDF गाइडलाइन डाउनलोड।
- लाभार्थी सूची और रिपोर्ट – लाभ पाने वाली बेटियों की लिस्ट और प्रगति रिपोर्ट देखने की सुविधा।
- संकल्प पत्र और फॉर्म डाउनलोड – आवेदन फॉर्म, संकल्प पत्र आदि डाउनलोड करने की सेवा OJSPM पर उपलब्ध।
- हेल्प और संपर्क – हेल्पलाइन नंबर (जैसे 0141-2700872) और शिकायत दर्ज करने की सुविधा।
मुख्यमंत्री राजश्री योजना का लाभ कौन ले सकता है
- बेटी का जन्म 1 जून 2016 या उसके बाद होना चाहिए।
- बेटी और उसका परिवार राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए।
- योजना का फायदा परिवार की पहली दो बेटियों को ही मिलता है (तीसरी या उसके बाद वाली बेटी को नहीं)।
- जन्म के समय पहली किस्त के लिए प्रसव सरकारी अस्पताल या जननी सुरक्षा योजना से जुड़े मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में होना जरूरी है।
- टीकाकरण, स्कूल एडमिशन आदि के लिए सरकारी रिकॉर्ड जरूरी हैं।
- अगर बेटी किसी भी वजह से स्कूल छोड़ देती है, तो आगे की किस्तें नहीं मिलेंगी।
सीएम राजश्री योजना ऑनलाइन आवेदन कैसे करे?
Mukhyamantri Rajshree Yojana मुख्य रूप से स्वास्थ्य विभाग के OJSPM पोर्टल और जनकल्याण पोर्टल से जुड़ी है। जन्म और टीकाकरण वाली पहली दो किस्तें अस्पताल/आंगनवाड़ी के जरिए ऑटोमैटिक दर्ज होती हैं, लेकिन स्कूल वाली किस्तों (कक्षा 1, 6, 10, 12) के लिए ऑनलाइन आवेदन या अपडेट जरूरी हो सकता है।
- जनकल्याण पोर्टल पर जाएं – ब्राउजर में jankalyan.rajasthan.gov.in खोलें। यह राजस्थान सरकार का मुख्य पोर्टल है जहां योजना की जानकारी और आवेदन उपलब्ध है।
- रजिस्टर या लॉगिन करें – अगर अकाउंट नहीं है तो “नया यूजर रजिस्ट्रेशन” पर क्लिक करें। जन आधार, आधार नंबर या मोबाइल से SSO आईडी बनाएं। पहले से अकाउंट है तो लॉगिन करें।
- योजना चुनें – पोर्टल पर “मुख्यमंत्री राजश्री योजना” या “Rajshree Yojana” सर्च करें या महिला एवं बाल विकास/स्वास्थ्य सेक्शन में ढूंढें।
- ऑनलाइन आवेदन/अप्लाई बटन दबाएं – “Apply Online” या “आवेदन करें” पर क्लिक करें। बेटी का नाम, जन्म तिथि, जन्म प्रमाण पत्र नंबर, आधार, बैंक खाता (DBT के लिए) और अभिभावक की डिटेल्स भरें।
- जरूरी दस्तावेज अपलोड करें – जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, टीकाकरण कार्ड (यदि लागू), स्कूल एडमिशन प्रमाण पत्र (स्कूल किस्तों के लिए) अपलोड करें।
- फॉर्म सबमिट करें – सभी जानकारी चेक करके सबमिट करें। आवेदन नंबर या रसीद डाउनलोड करें। इससे स्टेटस ट्रैक करने में मदद मिलेगी।
- स्कूल किस्तों के लिए वैकल्पिक पोर्टल – कक्षा दाखिले वाली किस्तों के लिए राज शाला दर्पण पोर्टल पर भी लॉगिन करके अपडेट या आवेदन कर सकते हैं।
- OJSPM पोर्टल चेक करें – https://ojspm.rajasthan.gov.in पर स्वास्थ्य संबंधी किस्तों (जन्म, टीकाकरण) का स्टेटस देखें या संकल्प पत्र डाउनलोड करें। यहां लॉगिन स्वास्थ्य कर्मियों के लिए ज्यादा है, लेकिन जानकारी उपलब्ध है।

- स्टेटस चेक और हेल्प – आवेदन के बाद पोर्टल पर स्टेटस देखें। समस्या हो तो हेल्पलाइन 0141-2700872 पर संपर्क करें या निकटतम आंगनवाड़ी/ई-मित्र केंद्र जाएं।
नोट: योजना में ज्यादातर किस्तें ऑटोमैटिक (रिकॉर्ड से) मिलती हैं, लेकिन ऑनलाइन आवेदन से प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होती है।
सीएम राजश्री योजना ऑफलाइन आवेदन कैसे करे?
- निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र जाएं – गर्भावस्था या जन्म के समय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (आंगनवाड़ी वर्कर), आशा सहयोगिनी या सखी से संपर्क करें। वे भामाशाह/जन आधार कार्ड और बैंक डिटेल्स लेकर अस्पताल में डिलीवरी के लिए मदद करती हैं।
- सरकारी अस्पताल में जन्म पर संपर्क करें – बेटी का जन्म सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल में होने पर स्वास्थ्य अधिकारी या ANM (ऑक्जिलरी नर्स मिडवाइफ) से फॉर्म भरवाएं। पहली किस्त (2,500 रुपये) अस्पताल से छुट्टी पर मां के खाते में आ जाती है।
- आवेदन फॉर्म प्राप्त करें – फॉर्म आंगनवाड़ी केंद्र, सरकारी अस्पताल, ब्लॉक कार्यालय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMHO) कार्यालय, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी कार्यालय या ग्राम पंचायत से मिलता है। OJSPM पोर्टल से संकल्प पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
- फॉर्म भरें और दस्तावेज संलग्न करें – बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, टीकाकरण कार्ड (दूसरी किस्त के लिए), स्कूल एडमिशन प्रमाण पत्र (स्कूल किस्तों के लिए) लगाएं।
- फॉर्म जमा करें – भरा मुख्यमंत्री राजश्री योजना फॉर्म और दस्तावेज आंगनवाड़ी केंद्र, सरकारी अस्पताल, ब्लॉक/वार्ड कार्यालय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय या जिला शिक्षा अधिकारी/महिला एवं बाल विकास विभाग में जमा करें। स्कूल किस्तों के लिए स्कूल प्रिंसिपल को भी जमा कर सकते हैं।
- सत्यापन और ट्रैकिंग – विभाग रिकॉर्ड चेक करता है। किस्तें DBT से खाते में आती हैं। समस्या हो तो हेल्पलाइन 0141-2700872 पर संपर्क करें या ई-मित्र केंद्र से मदद लें।
नोट – ज्यादातर प्रक्रिया अब ऑनलाइन/ऑटोमैटिक है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ऑफलाइन तरीका अभी भी उपलब्ध है। पहले दो किस्तों के लिए अस्पताल/आंगनवाड़ी मुख्य जगह है।
राजश्री योजना में अपना नाम कैसे देखें? स्टेट्स चेक करें
Mukhyamantri Rajshree Yojana स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभागों से जुड़ी है। किस्तों का स्टेटस (जन्म, टीकाकरण, स्कूल दाखिला आदि) चेक करने के मुख्य तरीके 2026 में इस प्रकार हैं:
- जनकल्याण पोर्टल या जन सूचना पोर्टल पर चेक करें – https://jankalyan.rajasthan.gov.in या https://jansoochna.rajasthan.gov.in पर जाएं। SSO आईडी से लॉगिन करें। योजना सेक्शन में “मुख्यमंत्री राजश्री योजना” चुनें। आधार नंबर, जन आधार या लाभार्थी डिटेल्स डालकर स्टेटस देखें – किस्त मंजूर, लंबित या ट्रांसफर हुई दिखेगी।
- जन आधार पोर्टल से स्टेटस देखें – जन आधार पोर्टल पर लॉगिन करें। “Benefit Status” या “लाभ स्थिति” सेक्शन में राजश्री योजना चुनें। बेटी का जन आधार या आधार नंबर डालकर सभी किस्तों का स्टेटस और पेमेंट डिटेल्स चेक करें।
- शाला दर्पण पोर्टल पर स्कूल किस्तों का स्टेटस – https://rajshaladarpan.nic.in पर लॉगिन करें (अभिभावक या स्कूल के जरिए)। राजश्री सेक्शन में बेटी का नाम, एडमिशन नंबर या आधार से कक्षा 1, 6, 10, 12 वाली किस्तों का स्टेटस देखें। स्कूल प्रिंसिपल भी मदद कर सकते हैं।
- OJSPM पोर्टल पर स्वास्थ्य किस्तों का स्टेटस – https://ojspm.rajasthan.gov.in पर जाएं। जन्म और टीकाकरण वाली पहली दो किस्तों (2,500 + 2,500 रुपये) का रिकॉर्ड यहां चेक होता है। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड से ऑटोमैटिक अपडेट दिखता है।
- बैंक पासबुक या खाते से चेक – DBT से राशि सीधे मां/अभिभावक के बैंक खाते में आती है। पासबुक में सरकारी ट्रांसफर (Rajshree या DBT) देखें। PFMS या बैंक ऐप से भी ट्रैक करें।
- ऑफलाइन तरीके – निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र, सरकारी अस्पताल, ब्लॉक कार्यालय, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी या ई-मित्र केंद्र पर जाकर आधार/जन्म प्रमाण पत्र दिखाकर स्टेटस पूछें।
- हेल्पलाइन से संपर्क – समस्या हो तो हेल्पलाइन 0141-2700872 पर कॉल करें या ईमेल [email protected] पर पूछें। महिला एवं बाल विकास विभाग हेल्पलाइन 0141-2716418 भी उपलब्ध है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री राजश्री योजना राजस्थान की बेटियों के लिए एक बहुत बड़ी सौगात है। अगर आप राजस्थान में रहते हैं और आपकी बेटी 1 जून 2016 के बाद पैदा हुई है, तो तुरंत इस योजना का लाभ उठाएं। इससे न सिर्फ आर्थिक मदद मिलेगी, बल्कि बेटी का भविष्य भी मजबूत बनेगा। सरकार हर कदम पर बेटियों के साथ है, बस थोड़ी जानकारी और आवेदन की जरूरत है।
अधिक जानकारी के लिए निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र या महिला एवं बाल विकास विभाग से संपर्क करें। बेटियां हैं तो कल है। इस योजना से राजस्थान की बेटियां और मजबूत होंगी।
FAQs
(1) राजश्री योजना की तीसरी किस्त कैसे मिलती है?
तीसरी किस्त (4,000 रुपये) कक्षा 1 में दाखिला लेने पर मिलती है। बेटी सरकारी स्कूल में पढ़ रही हो तो स्कूल के माध्यम से फॉर्म भरकर शाला दर्पण पोर्टल पर अपलोड होता है। दस्तावेज जैसे एडमिशन प्रमाण पत्र लगाएं, फिर DBT से खाते में आ जाती है।
(2) राजश्री योजना का हेल्पलाइन नम्बर क्या है?
मुख्यमंत्री राजश्री योजना का मुख्य हेल्पलाइन नंबर 0141-2700872 है। महिला एवं बाल विकास विभाग का हेल्पलाइन 0141-2716418 भी उपलब्ध है। समस्या पर कॉल करके स्टेटस या जानकारी ले सकते हैं।
(3) राजश्री योजना पोर्टल पर मिलने वाली सर्विसेज फ्री है क्या?
हां, जनकल्याण पोर्टल, OJSPM, शाला दर्पण आदि सरकारी पोर्टल पर आवेदन, स्टेटस चेक, दस्तावेज अपलोड जैसी सभी सर्विसेज पूरी तरह फ्री हैं। कोई चार्ज नहीं लगता, बस इंटरनेट चाहिए। (30 शब्द)
(4) राजश्री योजना की किस्त कब मिलती है?
किस्तें अलग-अलग समय पर मिलती हैं: जन्म पर 2,500 रुपये, 1 साल और टीकाकरण पर 2,500, कक्षा 1 में 4,000, कक्षा 6 में 5,000, कक्षा 10 में 11,000, कक्षा 12 में 25,000 रुपये। शर्तें पूरी होने पर DBT से। (30 शब्द)
(5) राजस्थान में बेटियों के लिए कौन सी योजना चल रही है?
राजस्थान में मुख्य योजना अब लाडो प्रोत्साहन योजना है (2024 से राजश्री योजना इसमें मिल गई)। इसमें बेटियों को जन्म से 21 साल तक कुल 1.5 लाख रुपये की मदद मिलती है। पुरानी राजश्री 50,000 की थी।
(6) मुख्यमंत्री राजश्री योजना कब शुरू हुई?
यह योजना 1 जून 2016 को शुरू की गई थी।
